उल्टी तरफ कछुए पहनने से क्या होता है - इसका क्या नुकसान है ?
कछुए को भगवान् विष्णु जी का अवतारिक रूप माना जाता है। बहुत से लोग इसकी पूजा करते है। अगर आपने कछुए से मिलने वाले लाभ को ध्यान में रखकर इसे घर लाने के बारे में सोच ही लिया है तो इसकी अच्छे से देखभाल करना भी आपका काम है। आपको इसकी साफ़ सफाई भी करनी चाहिए। आज कल के लोग कछुए की अंगूठी ज्यादा पहनने लग गए है बजाए की कछुए घर में लाये। इसकी बहुत ही सुपर्भाव आपके जीवन के लिए बहुत ही ज्यादा लाभकारी है। इसका बहुत ही सुलभ प्रभाव आपकी जिंदगी के ऊपर पड़ता है। भगवान् विष्णु जी की किरपा से प्राप्त हुआ ये उपहार ही है आपके लिए आपको इसे अच्छे से धारण करना चाहिए। कछुए को उल्टी तरफ पहनने का नुकसान आपको बहुत भारी पद सकता है। आपको ध्यान में रखकर ही चीज़ो को पहनना चाहिए। आपको यह बात ध्यान में रखनी होगी कि आप इसका अनादर न करे।
कछुए की अंगूठी को पहनने का भी एक तरीका है। अगर इसे सही तरह से धारण न किया जाए तो यह उल्टा प्रभाव आपकी जिंदगी के ऊपर भी डाल सकता है। कछुए को बुधवार के दिन ख़रीदे और पवित्र जल में इसको अच्छे से धो ले। फिर मंदिर में स्थापित करे। फिर अगले दिन सुबह उठकर इसको अपने दाये हाथ की बीच की ऊँगली में धारणकर ले। कछुए की अंगूठी का मुँह आपके मुँह की तरफ होना जरूरी है। इसे पहनने से पहले यह जान ले कि आपने इसे उल्टी तरफ पहन लिया तो यह आपको लाभ नहीं देगा बल्कि आपको नुकसान देना शुरू कर देगा। आपके घर में पैसा आने की बजाए जाने लग जायेगा। एक बात और जान लीजियेगा अगर अपने एक बार ये अंगूठी को ऊँगली में धारण कर लिया उसके बाद आपको इसे उतरना नहीं है। और न ही इसे उतार के घुमा कर पहनना है। इससे कछुए की अंगूठी का नुकसान आपको मिलता है और इसकी दिशा बदल जाती है फिर छह कर भी सही से पहनने के बाद भी यह अशुभ ही रहेगा आपके लिए।
महिलाये अगर कच्छुए की अंगूठी पहनती है तो इसके लिए भी कुछ सावधानिया बरतने की जरूरत होती है जैसे कि महिलाये घर के काम करते समय इस उतार कर घर के मंदिर में स्थापित कर दे। फिर द्वारा इसकी पूजा कर गंगा जल में इस्नान करवा के द्वार इसे धारण कर सकती है। इससे कछुए का नुकसान आपके ऊपर हावी नहीं होगा।
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